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भोजन करने के तरीके



आज इस आधुनिक जीवन मे जो हमारी कार्यशैली है,  उसके कारण समय पर भोजन ,एक सम्पूर्ण भोजन नहीं करते है जो हमें रोगो  की और ले जाता है हमें खाना कब , कितना और कैसे खाना चाहिए.भोजन हमारे जीवन का एक बहुत महत्वपूर्ण भाग है.

भोजन कैसे करे

1.जब भूख लगी हो तभी भोजन करें क्योंकि उस समय हमारी अग्नि प्रबल होती है.
2.हाथ ,पैर धो कर भोजन करना चाहिए.
3.भोजन हमेशा जमीन पर बैठकर करना चाहिए.
4.आपका भोजन सबसे पहले संतुलित होना चाहिए.
5.भोजन हमेशा गर्म ही खाये.
6.आयुर्वेदानुसार  पहले हमें मीठा मध्य मे कटु एवं अंत मे कषाय रस वाला भोजन करना चाहिए.
7.भोजन से  एक घंटे पहले ,भोजन करते समयथोड़ा थोड़ा  पानी पिये.
8..भोजन हमें एकाग्रता से करना चाहिए .बिना बात किये कभी भी गुस्सा होने पर भोजन नहीं करना चाहिए .
9.भोजन को अच्छी तरह चबा कर खाना चाहिए
10.आपकी जितनी भूख है उससे थोड़ा सा कम भोजन करे .
11.भोजन ना ज्यादा न कम करना चाहिए.
12.हमेशा ताजा भोजन ही करें बासी न खाये.


भोजन करने का समय

1.भोजन जठराग्नि के प्रबल होने पर करना चाहिए .आयुर्वेद आचार्य के अनुसार सूर्योदय के 2-3मुहूर्त बाद जठराग्नि प्रबल होती है लेकिन भारत मे देश ,काल से भिन्न समय हो सकता है क्योंकि सूर्योदय एवं सूर्यास्त का समय अलग अलग है .
2.रात्रि का भोजन भी सूर्यास्त के पहले ही किया जाना चाहिए .देर रात्रि किया भोजन से पाचन ठीक से नहीं होता है. एवं रोगों को उतपन्न करता है .
3.सुबह का  भोजन पचने पर ही रात्रि  का भोजन एवं रात्रि का भोजन पचने पर ही सुबह का भोजन करना चाहिए.

भोजन पश्चात् क्या ना करे

1. भोजन करने के पश्चात्  पानी नहीं पीना चाहिए. क्योंकि इससे हमारी जठराग्नि दुर्बल होती है. हमें भोजन के एक मुहूर्त बाद अर्थात 45मिनिट बाद पानी पीना चाहिए. अगर हम कुनकुना पानी पीते है यह भोजन का पाचन ठीक से होता है और यह स्वास्थ्य वर्धक भी है.
2. भोजन के 1घंटे पूर्व एवं भोजन के एक घंटे पश्चात् तक चाय नहीं पीना चाहिए क्योंकि चाय पीने से हमारे शरीर मे आयरन का अवशोषण नहीं होता है.
3.भोजन पश्चात ज्यादा चलना, दौड़ना नहीं चाहिए.
4.भोजन पश्चात सोना नहीं चाहिए.

भोजन पश्चात क्या करे

1.भोजन के बाद आप तक्र का सेवन कर सकते है.
2.भोजन के बाद सिर्फ 100कदम चलना चाहिए.
3.भोजन के बाद आप वज्रासन कर सकते है जो अग्नि को बढ़ाता है एवं पाचनक्रिया जो ठीक से होती है.
4.भोजन पश्चात आप बायी करवाट सो सकते है. जिससे पाचन क्रिया अच्छे से होती है एवं शरीर मे रक्त संचरण भी अच्छे से होता है.


HOW TO EAT
1. Take food only when you are hungry because at that time our digestive  fire is strong.
2Hand, should wash food and feet.
3. Food should always be sitting on the
ground.
4. Your food should be balanced first.
5. Always eat food hot.
  6. First let us eat bitter in the middle and eat kashay at the end!
7. One hour before meals, drink some water while eating.
8. We should eat with concentration.Never talk about food without getting angry.
9. Food should be chewed properly.
10. Eat a little less food than you are hungry.
11. Food should not be reduced too much.
12. Always eat fresh food and do not eat stale.


MEAL TIME

1.  Food should be done when JATHARAGNI prevails. According to Ayurveda Acharya, JATHRAGNI prevails 2-3 times after sunrise, but India may vary from country to time, because the time of sunrise and sunset is different.
 

2.  Dinner should also be done before sunset. Digestion is not done properly by eating food done late night.  And produces diseases.
 

3. Dinner should be taken only after the morning meal is digested and morning meal should be taken only after the meal is digested.

  WHAT NOT TO DO AFTER MEALS

1.One should not drink water after eating.  Because it weakens our gastrointestinal.  We should drink water after 45 minutes after a meal.  If we drink kinkuna water, this food is digested properly and it is also a health enhancer.
2.Tea should not be drunk for 1 hour after meals because drinking tea does not absorb iron in our body.

3.After meals, do not run too much.

4. Should not sleep after meals.

WHAT TO DO AFTER MEALS

1. You can take trak (buttermilk )after meals.
2. Only 100 steps should be taken after meals.
3. After meals you can do Vajrasana which increases Agni and digestion which is done properly.
4. After meals you can sleep left side   Due to which digestion is done well and blood circulation in the body is also good.

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