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Showing posts from October, 2020

भोजन करने के तरीके

आज इस आधुनिक जीवन मे जो हमारी कार्यशैली है,  उसके कारण समय पर भोजन ,एक सम्पूर्ण भोजन नहीं करते है जो हमें रोगो  की और ले जाता है हमें खाना कब , कितना और कैसे खाना चाहिए.भोजन हमारे जीवन का एक बहुत महत्वपूर्ण भाग है. भोजन कैसे करे 1.जब भूख लगी हो तभी भोजन करें क्योंकि उस समय हमारी अग्नि प्रबल होती है. 2.हाथ ,पैर धो कर भोजन करना चाहिए. 3.भोजन हमेशा जमीन पर बैठकर करना चाहिए. 4.आपका भोजन सबसे पहले संतुलित होना चाहिए. 5.भोजन हमेशा गर्म ही खाये. 6.आयुर्वेदानुसार  पहले हमें मीठा मध्य मे कटु एवं अंत मे कषाय रस वाला भोजन करना चाहिए. 7.भोजन से  एक घंटे पहले ,भोजन करते समयथोड़ा थोड़ा  पानी पिये. 8..भोजन हमें एकाग्रता से करना चाहिए .बिना बात किये कभी भी गुस्सा होने पर भोजन नहीं करना चाहिए . 9.भोजन को अच्छी तरह चबा कर खाना चाहिए 10.आपकी जितनी भूख है उससे थोड़ा सा कम भोजन करे . 11.भोजन ना ज्यादा न कम करना चाहिए. 12.हमेशा ताजा भोजन ही करें बासी न खाये. भोजन करने का समय 1.भोजन जठराग्नि के प्रबल होने पर करना चाहिए .आयुर्वेद आचार्य के अनुसार सूर्योदय ...

स्वर्णप्राशन

स्वर्णप्राशन  इसे स्वर्ण भस्म एवं आयुर्वेदिक ओषधि,  गो घृत से बनाया जाता है.यह आयुर्वेद मे बच्चों को देने वाली एक प्राचीन ओषधि है जिसका उल्लेख प्राचीन संहिता मे किया गया है   इसे पुष्य नक्षत्र के दिन दिया जाता है.                 यह 0माह से 16वर्ष तक के बच्चों को दिया जाता है  बच्चों के बौद्धिक विकास ,सामान्य विकारो से लड़ने मे शक्ति प्रदान करता है        यह विशेष रूप से आटिज्म ,सिखने मे कठिनाई ध्यान घाटे ,विलम्बित माइलस्टोन आदि से ग्रसित बच्चों के लिए एक अचूक ओषधि है. स्वर्णप्राशन से रोगों के प्रति प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है .स्मृति तेज ,सिखने की शक्ति बढ़ती है देखने  और सुनने की शक्ति भी बढती है  पाचन शक्ति मे सुधार होता है . बच्चों को जो मौसमी बीमारियों से बचाता है एवं कई प्रकार की एलर्जी से भी बचाता है       महर्षि कश्यप कहते है स्वर्ण प्राशन से बुद्धि ,पाचन अग्नि और शारीरिक शक्ति मे सुधार ...

गुड़

भारतीय खाने मे गुड़ का सदियों पहले से उपयोग होता रहा है  गुड़ का निर्माण गन्ने के रस से होता हैऔर भारत के सभी प्रांतो मे बनाया जाता है.  आज हम आपको गुड़ से होने वाले लाभ के बारे मे बताएंगे.  1.यह एक प्रकार कि नेचुरल मिठाई भी है. यह  खाने मे स्वादिष्ट भी होता है सर्दियों के मौसम मे हम इसका ज्यादा उपयोग करते है. लेकिन इसका उपयोग हम हमेशा कर सकते है लेकिन उचित मात्रा के साथ क्योंकि गुड़ कि ताशीर गर्म होती है.  2 गुड़ मे पानी, सुक्रोस, चीनी, कैल्सियम, फास्फोरस, vi-Bएवं कर्बोह्य्द्रेट होता है.  3.गुड़ से पाचन क्रिया अच्छे से होती है एवं यह ऊर्जा का अच्छा स्त्रोत है. जिससे थकान कमजोरी नहीं होती है.  4 उच्च रक्त चाप (high blood pressure ) को भी गुड़ कंट्रोल करता है.  5.गुड़ आयरन का एक बहुत बड़ा स्त्रोत है रक्ताल्पता, (anemia )मे रोज गुड़ खाने से यह खून कि कमी को दूर करता है. खून की कमी वालो के लिए यह अमृत के समान है.  6.कैल्सियम और फास्फोरस की भरपूर मात्रा होने के कारण यह हड्डियों को भी मजबूत रखता है.  7.गुड़ खाने से त्वचा मे भी निखार आता है ग...

करोना योद्धा कौन

योद्धा कौन  आज कोरोना महामारी  देश के सभी लोग कंघे से कंधा मिलाकर लड़ रहे है. जँहा चिकित्सा क्षेत्र, पुलिस विभाग, एवं नगर पालिका विभाग का मुख्य योगदान है जो कोरोना से ग्रसित लोगो के सीधे सम्पर्क मे आते है. जो कर्मचारी, मैदानी कार्यकर्त्ता है उनका कोरोना से ग्रसित व्यक्ति एवं उनके परिवार के सम्पर्क मे आते है और जँहा कोविड सेंटर बनाये गए है वंहा भी कोरोना से ग्रसित लोगो का इलाज से लेकर उनके रहने मे योगदान है. जो सबसे बड़े कोरोना योद्धा है जो उनके साथ रहकर काम कर रहे है.  हमें उन सब लोगो का सम्मान करना चाहिए.  लेकिन आज इस आधुनिक युग मे जो संस्थाएं, जो कोरोना योद्धा का सम्मान करने कि एक होड़ सी लगी है जिसमे  वो लोग अपनी संस्था का नाम बढ़ाने के लिए कोरोना योद्धा सम्मान करते हैजिसमे उन लोगो का सम्मान होता है जिनका कोई योगदान है ही नहीं, और जो जमीनी स्तर से कार्य कर रहे कोरोना योद्धा उस सम्म्मान से वांछित रह जाते है, हमें उन लोगो का ख्याल रखना चाहिए  बहुत कम मानदेय पर काम भी कर रहे है एवं इस महामारी मे सबके साथ है,  लेकिन आज ऐसी कोई सस्था नहीं है जो उन जमीनी स्तर...

दिनचर्या (Daily Routine)

                   आज इस कोरोना के दौर मे हमें अपनी दिनचर्या का अच्छे से पालन करना होगा, सुबह उठकर नित्यकाम से निवृत्त होकर, एक ग्लास कुनकुना पानी शहद और निम्बू के साथ फिर 1घंटे व्यायाम करना.  नाश्ता हमें हमेशा राजा कि तरह करना चाहिए. खाना संतुलित दाल, सब्जी, रोटी  सलाद का सेवन करें.  शाम को हमेशा हल्का सुपाच्य भोजन करना चाहिए.  हमें शाम का भोजन शाम 7बजे तक खा लेना चाहिए.  जिससे हमारा पाचनतंतत्र अच्छे से काम करे और हमारा भोजन पाचनक्रिया सही हो. जिसके कारण हमें कोई व्याधि उत्पन्न न हो क्योंकि व्याधि का कारण पाचनतंत्र ही होता है.