योद्धा कौन
आज कोरोना महामारी देश के सभी लोग कंघे से कंधा मिलाकर लड़ रहे है. जँहा चिकित्सा क्षेत्र, पुलिस विभाग, एवं नगर पालिका विभाग का मुख्य योगदान है जो कोरोना से ग्रसित लोगो के सीधे सम्पर्क मे आते है. जो कर्मचारी, मैदानी कार्यकर्त्ता है उनका कोरोना से ग्रसित व्यक्ति एवं उनके परिवार के सम्पर्क मे आते है और जँहा कोविड सेंटर बनाये गए है वंहा भी कोरोना से ग्रसित लोगो का इलाज से लेकर उनके रहने मे योगदान है. जो सबसे बड़े कोरोना योद्धा है जो उनके साथ रहकर काम कर रहे है.
हमें उन सब लोगो का सम्मान करना चाहिए.
लेकिन आज इस आधुनिक युग मे जो संस्थाएं, जो कोरोना योद्धा का सम्मान करने कि एक होड़ सी लगी है जिसमे वो लोग अपनी संस्था का नाम बढ़ाने के लिए कोरोना योद्धा सम्मान करते हैजिसमे उन लोगो का सम्मान होता है जिनका कोई योगदान है ही नहीं, और जो जमीनी स्तर से कार्य कर रहे कोरोना योद्धा उस सम्म्मान से वांछित रह जाते है, हमें उन लोगो का ख्याल रखना चाहिए बहुत कम मानदेय पर काम भी कर रहे है एवं इस महामारी मे सबके साथ है, लेकिन आज ऐसी कोई सस्था नहीं है जो उन जमीनी स्तर के कार्यकर्ता को सम्मान करे. उच्च स्तर के लोगो का सम्मान करने के लिए तो सब तैयार रहते है.
आज हम प्रण करे कि जो सबसे ज्यादा मेहनत करता है उसका सम्मान हो.
दिखावट मे न जीकर लोग वास्तविकता को पहचाने.
Well Written... 👏👏
ReplyDeleteGood
ReplyDeleteNice .......��������
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